काम से थक कर घर आओ और खाना पहले से तैयार मिले — ये सपना स्लो कुकर पूरा करता है. सुबह सारा सामान दाल कर ऑन कर दो धीमी आंच पर 6–8 घंटे पकता रहेगा और शाम को घर महकता हुआ मिलेगा. मसाले गहरे उतारते हैं और म्हणत लगभग जीरो.
स्लो कुकर कैसे काम करता है?
ये बिजली का बर्तन है जो बहुत धीमी और बराबर गर्मी पर खाना पकता है. लौ सेटिंग पर 6–8 घंटे हाई पर 3–4 घंटे लगते हैं. जलना या उबाल कर बहार आना लगभग नामुमकिन है इसलिए इसे चलता छोड़ कर ऑफिस जाना सेफ है. बिजी लोगों और बिगिनर्स के लिए इससे आसान कुकिंग टूल कोई नहीं.
दाल मखनी स्टाइल दाल
काली दाल और राजमा रात भर भिगो दें. सुबह स्लो कुकर में दाल पानी नमक हल्दी और अदरक दाल कर लौ पर 8 घंटे पकाएं. शाम को माखन और क्रीम मिलकर 30 मिनट और — रेस्टोरेंट जैसी क्रीमी दाल तैयार. धीमी आंच पर दाल का स्वाद दुगना गहरा हो जाता है.
चिकन करी और पुलाओ
चिकन दही प्याज-टमाटर का मसाला और गरम मसाले स्लो कुकर में दाल कर लौ पर 6 घंटे — नरम रसीली करी तैयार. वेग पुलाओ के लिए चावल सब्ज़ियां पानी और खड़े मसाले दाल कर 3 घंटे हाई पर पकाएं. मसाले पहले हल्का भून कर डालें तो खुशबू और बढ़ जाती है.
मीठा भी बन सकता है
खीर स्लो कुकर में कमाल बनती है — दूध चावल चीनी और इलाइची दाल कर लौ पर 5–6 घंटे बीच में 2–3 बार चला दें. गाजर का हलवा भी इसी तरह बिना लगातार चलाये बन जाता है. दूध वाली चीज़ों में कुकर को आधे से ज़्यादा न भरें.
5 गोल्डन टिप्स
(1) कुकर को आधा से तीन-चौथाई तक भरें. (2) धीमी आंच पर पकाते वक़्त ढक्कन बार-बार न खोलें — हर बार 20 मिनट का वक़्त बढ़ जाता है. (3) हरी मिर्च और धनिया आखिर में डालें. (4) पानी काम रखें — भाप बहार नहीं जाती. (5) रात को टाइमर वाला मॉडल लें तो सुबह गरम खाना मिलेगा. ये छोटे नियम स्लो कुकिंग को परफ़ेक्ट बना देते हैं.




