सोचिये एक दिन कंप्यूटर खोला और साड़ी फोटोज डाक्यूमेंट्स और फाइल्स लॉक — स्क्रीन पर मैसेज: "पैसे दो तभी फाइल्स वापस मिलेंगी". ये रअनसोमवारे है और 2026 में ये सिर्फ बड़ी कम्पनीज को नहीं आम उसेर्स को भी निशाना बना रहा है. अच्छी खबर: बचना बहुत आसान है.
रअनसोमवारे आता कहाँ से है?
ज़्यादा तर मामलों में ये ईमेल के अटैचमेंट नकली सॉफ्टवेयर डाउनलोड या "फ्री मूवी" वाली साइट्स से आता है. एक क्लिक में ये चुप-चाप इनस्टॉल हो जाता है और धीरे-धीरे साड़ी फाइल्स एन्क्रिप्ट कर देता है. मुफ्त में मिलने वाली चीज़ों का लालच ही इसका सबसे बड़ा दरवाज़ा है.
बैकअप: सबसे बड़ा हथियार
रअनसोमवारे से लड़ने का सबसे पावरफुल तरीका है रेगुलर बैकअप. अगर आपकी फाइल्स की कॉपी कहीं और सुरक्षित है तो ठग की धमकी बेकार है — सिस्टम साफ़ करके फाइल्स वापस ला सकते हैं. 3-2-1 नियम फॉलो करें: 3 कपीस 2 अलग जगह 1 ऑफलाइन या क्लाउड में.
रोज़ की सेफ आदतें
अनजान ईमेल के अटैचमेंट कभी न खोलें — चाहे भेजने वाला जाना-पहचाना लगे. सॉफ्टवेयर हमेशा ऑफिसियल साइट से डाउनलोड करें. विंडोज और अप्प्स को अपडेट रखना न भूलें — उपदटेस में सिक्योरिटी के छेड़ बंद होते हैं. "आपका कंप्यूटर इन्फ़ेक्टेड है यहाँ क्लिक करें" — ऐसे पॉपअप पर कभी क्लिक मत करें.
एंटीवायरस और सेटिंग्स
विंडोज का बिल्ट-इन डिफेंडर आज काफी पावरफुल है — बस उसे ऑन और अपडेटेड रखें. उसमें "रअनसोमवारे प्रोटेक्शन" वाला कंट्रोल्ड फोल्डर एक्सेस ऑन कर दें जो इम्पोर्टेन्ट फ़ोल्डर्स को लॉक कर देता है. मुफ्त के नक़ली एंटीवायरस के चक्कर में न पड़ें — वही अक्सर वायरस होते हैं.
अटैक हो जाए तो क्या करें
पहला कदम: इंटरनेट तुरंत बंद कर दें ताके वायरस और न फैले. फिर कभी भी रैनसम (पैसे) मत दें — पैसे देने पर भी फाइल्स वापस मिलने की गारंटी नहीं और आप अगली ठगी के निशाने पर आ जाते हैं. साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें और बैकअप से फाइल्स रिस्टोर करें. रैनसम देना ठगों को और मज़बूत बनता है — इससे बचें.


