"आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जायेगा तुरंत इस लिंक पर क्लिक करें" — ऐसा SMS या ईमेल आया है कभी? ये फिशिंग है: ठग बैंक कंपनी या सरकारी दफ्तर बन कर आपका पासवर्ड OTP या बैंक डिटेल्स निकाल लेते हैं. 2026 में ये ठगी और भी चालाक हो गयी है लेकिन पहचान आसान है.

फिशिंग काम कैसे करता है?

ठग आपको डर या लालच दिखा कर जल्दी में फैसला करवाते हैं — "अकाउंट बंद होगा" "आपने इनाम जीता है" "पार्सल रुका है". लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है जो असली जैसी दिखती है. वहां डिटेल्स डालते ही ठग के पास पहुँच जाती हैं. याद रखें: असली बैंक कभी SMS या ईमेल में लिंक भेज कर OTP नहीं मांगता.

2026 के नए तरीके

अब ठग AI से बांके हुए असली लगने वाले वॉइस कॉल्स (वॉइस क्लोनिंग) और व्हाट्सप्प संदेश भी भेजते हैं. पार्सल डिलीवरी बिजली का बिल KYC अपडेट — हर रोज़ नए बहाने. कुछ तो आपके नाम और शहर तक जानते हैं क्यूंकि डेटा लीक्स से जानकारी मिल जाती है. नाम सही होना इस बात का सबूत नहीं के मैसेज असली है.

पहचानने के 5 संकेत

(1) जल्दी करने का दबाव — "तुरंत करें वरना...". (2) अनजान लिंक या अटैचमेंट. (3) स्पेलिंग मिस्टेक्स या अजीब ईमेल एड्रेस. (4) OTP, पासवर्ड या CVV माँगना. (5) ऐसे ऑफर जो सच लगने के लिए बहुत अच्छे हों. इनमें से एक भी संकेत दिखे तो रुकें — लिंक पर क्लिक मत करें.

बचने के प्रैक्टिकल तरीके

बैंक की साइट हमेशा खुद ब्राउज़र में टाइप करके खोलें लिंक से नहीं. हर इम्पोर्टेन्ट अकाउंट पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें. OTP किसी के साथ शेयर न करें — चाहे वो बैंक का अफसर बन कर फ़ोन करे. फ़ोन में स्पैम फ़िल्टर ऑन रखें. और सबसे ज़रूरी: घर के बुज़ुर्गों को ये बातें समझा दें क्यूंकि ठग उन्ही को निशाना बनाते हैं.

ठगी हो जाए तो क्या करें

तुरंत अपने बैंक को फ़ोन करके कार्ड/अकाउंट ब्लॉक करवाएं. साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें. पासवर्ड्स बदल लें. जल्दी रिपोर्ट करने पर पैसे वापस मिलने के चान्सेस काफी बढ़ जाते हैं — देर मत करें.