₹25,000 में नया लैपटॉप? क्रोमबुक का दाम सुन कर लगता है कोई धोखा है. सच ये है के क्रोमबुक एक अलग तरह का लैपटॉप है — कुछ लोगों के लिए परफ़ेक्ट कुछ के लिए बेकार. 2026 में खरीदने से पहले ये ईमानदार गाइड ज़रूर पढ़ें.

क्रोमबुक होता क्या है?

क्रोमबुक गूगल के क्रोमोस पर चलता है — मतलब लगभग सब कुछ ब्राउज़र और वेब अप्प्स में होता है. ये 10 सेकंड में ऑन होता है वायरस लगभग नहीं लगता और बैटरी 10–12 घंटे चलती है. जो काम इंटरनेट पर होता है वो क्रोमबुक पर मक्खन की तरह चलता है.

किनके लिए परफ़ेक्ट है?

स्टूडेंट्स: ऑनलाइन क्लासेज नोट्स असाइनमेंट्स यूट्यूब — सब कुछ आसान. ऑफिस वर्क: जीमेल डॉक्स शीट्स वीडियो कॉल्स — बिना दिक्कत. घर के बुज़ुर्ग या बच्चे: सिंपल सेफ ख़राब होना मुश्किल. ₹20,000–35,000 के बजट में इससे बेहतर ऑप्शन मिलना मुश्किल है.

किनको नहीं लेना चाहिए?

वीडियो एडिटिंग हैवी गेमिंग प्रोग्रामिंग के भारी टूल्स या ख़ास विंडोज सॉफ्टवेयर (जैसे टैली फोटोशॉप) चलने वालों के लिए क्रोमबुक सही नहीं. बिना इंटरनेट के इसके ज़्यादातर फीचर्स काम नहीं करते. अगर आपका काम ख़ास सॉफ्टवेयर पर निर्भर है तो विंडोज/मैक लैपटॉप ही लें.

2026 में क्या नया है?

नए क्रोमबुक प्लस मॉडल्स ज़्यादा पावरफुल हैं — AI फीचर्स बेहतर स्क्रीन और 10 साल तक के सॉफ्टवेयर उपदटेस के साथ. अब कई एंड्राइड अप्प्स भी चलते हैं और कुछ मॉडल्स पर लिनक्स अप्प्स भी. क्रोमबुक प्लस का लेबल देखें — ये नए स्टैण्डर्ड का सबसे अच्छा संकेत है.

खरीदते वक़्त क्या देखें

काम से काम 8GB RAM लें (4GB में तब अटकने लगते हैं) फुल HD स्क्रीन चुनें और "ऑटो अपडेट एक्सपायरी" डेट चेक करें — जितनी दूर की हो उतना बेहतर. कीबोर्ड और ट्रैकपैड दूकान पर आज़मा लें. सस्ते के चक्कर में पुराण स्लो मॉडल मत उठाएं — 2 साल में पछताओगे.